Career In Astrology: इस कोर्स को करके बन सकते हैं ज्योतिष, जानिए कैसे और कहां से कर पाएंगे पढ़ाई |

यदि आप ज्योतिष के  क्षेत्र में करियर (Career In Astrology) बनाना चाहते हैं, यह लेख आपके लिए है. ज्योतिष का उपयोग जीवन के लगभग हर क्षेत्र में किया जाता है। लोग अपनी समस्याओं का समाधान पाने के लिए ज्योतिषी के पास जाते हैं और सही मार्गदर्शन प्राप्त करते हैं।  आपको ज्योतिष में रुचि है और आप मेहनत करने को तैयार हैं, तो यह क्षेत्र आपके लिए एक शानदार करियर विकल्प साबित हो सकता है।

Career In Astrology:

Career In Astrology: एस्ट्रोलॉजी की विभिन्न शाखाएँ और इस क्षेत्र में करियर बनाने के लिए जरूरी योग्यताएँ

एस्ट्रोलॉजी की प्रमुख शाखाएँ

ज्योतिष (Astrology) एक विस्तृत विषय है, जिसमें कई शाखाएँ होती हैं। हर शाखा का अपना महत्व और उपयोग होता है। यदि आप एस्ट्रोलॉजी में करियर बनाना चाहते हैं, तो सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि आपकी रुचि किस क्षेत्र में है। एस्ट्रोलॉजी की कुछ प्रमुख शाखाएँ निम्नलिखित हैं:

  1. वैदिक ज्योतिष (Vedic Astrology)

    • इसे हिंदू ज्योतिष या भारतीय ज्योतिष भी कहा जाता है।
    • वैदिक ज्योतिष ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति के आधार पर भविष्यवाणी करता है।
    • इसमें कुंडली मिलान, जन्म कुंडली, ग्रह दशा, महादशा और विभिन्न योगों का विश्लेषण किया जाता है।
    • विवाह, करियर, संतान, स्वास्थ्य आदि से जुड़ी समस्याओं का समाधान इसी के माध्यम से निकाला जाता है।
  2. वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra)

    • वास्तु शास्त्र भवन निर्माण और उसके ऊर्जा प्रवाह से संबंधित होता है।
    • यह बताता है कि घर, कार्यालय, दुकान आदि को किस प्रकार से बनाया जाए जिससे सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे।
    • इस विधा के अनुसार, दिशाओं और संरचनाओं का सही उपयोग जीवन में सुख-समृद्धि लाता है।
  3. टैरो कार्ड रीडिंग (Tarot Card Reading)

    • यह एक आधुनिक ज्योतिषीय पद्धति है जिसमें विशेष प्रकार के कार्डों का उपयोग करके भविष्य की घटनाओं का विश्लेषण किया जाता है।
    • टैरो कार्ड रीडिंग में व्यक्ति की भावनात्मक, मानसिक और आध्यात्मिक स्थिति को समझने में मदद मिलती है।
    • इसे विशेष रूप से आत्म-विश्लेषण और निर्णय लेने में सहायता के लिए उपयोग किया जाता है।
  4. न्यूमरोलॉजी (Numerology)

    • न्यूमरोलॉजी में संख्याओं के आधार पर भविष्यवाणी की जाती है।
    • इसमें व्यक्ति की जन्म तिथि, नाम और अन्य महत्वपूर्ण संख्याओं का अध्ययन कर उनका प्रभाव बताया जाता है।
    • यह करियर, शादी, बिजनेस और व्यक्तिगत जीवन से जुड़े फैसलों में मदद कर सकता है।
  5. केपी एस्ट्रोलॉजी (KP Astrology)

    • यह पारंपरिक वैदिक ज्योतिष से थोड़ा अलग होता है।
    • इसमें अधिक सटीक भविष्यवाणी के लिए नक्षत्रों और सब-लॉर्ड्स (Sub Lords) की गणना की जाती है।
    • इसे ज्योतिष की सबसे सटीक और वैज्ञानिक पद्धतियों में से एक माना जाता है।
  6. मेडिकल एस्ट्रोलॉजी (Medical Astrology)

    • इसमें ज्योतिष के माध्यम से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का विश्लेषण किया जाता है।
    • ग्रहों और राशियों के प्रभाव से यह समझा जाता है कि किसी व्यक्ति को कौन-सी बीमारियाँ हो सकती हैं।
    • इसमें विभिन्न ग्रहों और उनकी दशाओं का अध्ययन कर स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह दी जाती है।
  7. पाश्चात्य ज्योतिष (Western Astrology)

    • यह पश्चिमी देशों में प्रचलित ज्योतिष पद्धति है।
    • इसमें सूर्य राशि (Sun Sign) और चंद्र राशि (Moon Sign) के आधार पर भविष्यवाणी की जाती है।
    • यह ज्योतिषीय विधि मुख्य रूप से व्यक्तित्व, संबंधों और व्यक्तिगत विकास से जुड़ी भविष्यवाणियों पर केंद्रित होती है।

Career In Astrology: एस्ट्रोलॉजी में करियर बनाने के लिए जरूरी योग्यताएँ

Career In Astrology:

ज्योतिष एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें सफल होने के लिए केवल तकनीकी ज्ञान ही नहीं, बल्कि मानसिक योग्यता और धैर्य भी आवश्यक होता है। यदि आप इस क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, तो निम्नलिखित गुण आपके पास होने चाहिए:

  1. गणना और विश्लेषण में रुचि (Interest in Calculations and Analysis)

    • ज्योतिष में गणना का बहुत बड़ा महत्व है।
    • आपको ग्रहों की गति, कुंडली निर्माण और दशा-परिवर्तन की गणना करने की क्षमता होनी चाहिए।
    • तार्किक सोच और गहरी गणितीय समझ इस क्षेत्र में सफलता दिला सकती है।
  2. धैर्य और सुनने की क्षमता (Patience and Listening Skills)

    • ज्योतिषी बनने के लिए धैर्य रखना बहुत जरूरी है।
    • आपको लोगों की समस्याएँ ध्यान से सुननी होंगी और उनके अनुसार उन्हें सही सलाह देनी होगी।
    • बिना धैर्य और सहानुभूति के आप एक सफल एस्ट्रोलॉजर नहीं बन सकते।
  3. लगातार अध्ययन करने की आदत (Habit of Continuous Learning)

    • ज्योतिष एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें हर समय नई चीजें सीखने की जरूरत होती है।
    • ग्रहों की चाल और खगोलीय घटनाएँ बदलती रहती हैं, जिससे आपकी जानकारी अपडेट रहनी चाहिए।
    • वैदिक ग्रंथों, आधुनिक शोध और विभिन्न ज्योतिषीय सिद्धांतों को पढ़ने की आदत डालनी चाहिए।
  4. आध्यात्मिक सोच और सकारात्मक दृष्टिकोण (Spiritual Thinking and Positive Approach)

    • एक अच्छे ज्योतिषी को नकारात्मकता से दूर रहना चाहिए और हमेशा सकारात्मक समाधान देना चाहिए।
    • आपको अपने क्लाइंट्स की भावनाओं को समझना होगा और उन्हें सही दिशा में मार्गदर्शन करना होगा।
    • यदि आपकी सोच आध्यात्मिक होगी, तो लोग आपकी भविष्यवाणियों पर अधिक विश्वास करेंगे।
  5. संवाद कौशल और आत्मविश्वास (Communication Skills and Confidence)

    • ज्योतिषी का कार्य लोगों को उनके जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेने में मदद करना होता है।
    • इसके लिए आपको अपनी बात को स्पष्ट रूप से समझाने की क्षमता होनी चाहिए।
    • आत्मविश्वास के साथ, सही तथ्यों और गणनाओं के आधार पर आपको अपनी भविष्यवाणी प्रस्तुत करनी होगी।

Career In Astrology: एस्ट्रोलॉजी का व्यावहारिक महत्व

आज के समय में एस्ट्रोलॉजी केवल एक परंपरागत विद्या नहीं रह गई है, बल्कि यह एक पेशेवर करियर का भी विकल्प बन चुकी है। ज्योतिष से जुड़े विशेषज्ञ विभिन्न क्षेत्रों में परामर्श प्रदान करते हैं, जैसे:

  • करियर और व्यवसाय (Career and Business) – कौन-सा करियर चुनना चाहिए? बिजनेस करना चाहिए या जॉब?
  • शिक्षा (Education) – कौन-सा विषय पढ़ना चाहिए? उच्च शिक्षा के लिए सही समय क्या है?
  • विवाह और रिश्ते (Marriage and Relationships) शादी के लिए सही समय? जीवनसाथी का चुनाव?
  • स्वास्थ्य (Health) – स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के पीछे कौन-से ग्रह जिम्मेदार हो सकते हैं?
  • प्रेम जीवन (Love Life) रिश्तों में तालमेल और समस्याओं का समाधान।
  • तलाक और कानूनी मामले (Divorce and Legal Issues) – ग्रहों की स्थिति का प्रभाव और समाधान।

Career In Astrology: कौन-कौन से कोर्स उपलब्ध हैं?

एस्ट्रोलॉजी में करियर बनाने के लिए कई तरह के शैक्षणिक कोर्स उपलब्ध हैं, जो आपकी रुचि और जरूरत के अनुसार चुने जा सकते हैं। इन कोर्सों में डिप्लोमा, बैचलर डिग्री, मास्टर डिग्री और सर्टिफिकेट प्रोग्राम शामिल हैं। कई प्रतिष्ठित संस्थान इन कोर्सों को ऑफर करते हैं, जिससे छात्रों को ज्योतिष का गहन ज्ञान प्राप्त होता है और वे एक प्रमाणित ज्योतिषी (Certified Astrologer) बन सकते हैं।

1. डिप्लोमा कोर्स (Diploma Courses in Astrology)

यदि आप एस्ट्रोलॉजी के शुरुआती स्तर से शुरुआत करना चाहते हैं, तो डिप्लोमा कोर्स आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है। यह कोर्स कम समय में पूरा किया जा सकता है और इसमें ज्योतिष के मूलभूत सिद्धांत सिखाए जाते हैं।

प्रमुख डिप्लोमा कोर्स:

  • डिप्लोमा इन वैदिक एस्ट्रोलॉजी (Diploma in Vedic Astrology)
  • डिप्लोमा इन न्यूमरोलॉजी (Diploma in Numerology)
  • डिप्लोमा इन वास्तु शास्त्र (Diploma in Vastu Shastra)
  • डिप्लोमा इन टैरो कार्ड रीडिंग (Diploma in Tarot Card Reading)
  • डिप्लोमा इन ज्योतिष और अंक विज्ञान (Diploma in Astrology and Numerology)
  • डिप्लोमा इन केपी एस्ट्रोलॉजी (Diploma in KP Astrology)

अवधि: 6 महीने से 1 वर्ष
योग्यता: 10वीं या 12वीं पास (संस्थान के अनुसार)
करियर संभावनाएँ: ज्योतिषी सलाहकार, फ्रीलांस ज्योतिषी, पार्ट-टाइम एस्ट्रोलॉजर


2. बैचलर डिग्री कोर्स (Bachelor’s Degree in Astrology)

जो छात्र एस्ट्रोलॉजी में गहराई से अध्ययन करना चाहते हैं और इसे एक पूर्णकालिक करियर के रूप में अपनाना चाहते हैं, उनके लिए बैचलर डिग्री कोर्स सबसे उपयुक्त हैं। यह कोर्स छात्रों को ज्योतिष के तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं में विशेषज्ञता प्रदान करता है।

प्रमुख बैचलर डिग्री कोर्स:

  • बीए इन एस्ट्रोलॉजी (BA in Astrology)
  • बीएससी इन एस्ट्रोलॉजी (B.Sc in Astrology)
  • बीए इन वास्तु शास्त्र (BA in Vastu Shastra)

अवधि: 3 साल
योग्यता: 12वीं पास (किसी भी स्ट्रीम से)
करियर संभावनाएँ: प्रोफेशनल एस्ट्रोलॉजर, वास्तु विशेषज्ञ, ज्योतिष शोधकर्ता


3. मास्टर डिग्री कोर्स (Master’s Degree in Astrology)

अगर आप एस्ट्रोलॉजी में गहन अध्ययन और शोध करना चाहते हैं, तो मास्टर डिग्री कोर्स आपके लिए आदर्श रहेगा। यह कोर्स छात्रों को उन्नत ज्योतिषीय सिद्धांत, शोध कार्य और व्यावहारिक अनुप्रयोगों में प्रशिक्षित करता है।

प्रमुख मास्टर डिग्री कोर्स:

  • एमए इन एस्ट्रोलॉजी (MA in Astrology)
  • एमएससी इन एस्ट्रोलॉजी (M.Sc in Astrology)
  • एमए इन वास्तु शास्त्र (MA in Vastu Shastra)

अवधि: 2 साल
योग्यता: बैचलर डिग्री इन एस्ट्रोलॉजी या किसी संबंधित विषय में स्नातक
करियर संभावनाएँ: ज्योतिष शिक्षक, शोधकर्ता, वरिष्ठ ज्योतिषी, ज्योतिष परामर्शदाता


4. सर्टिफिकेट कोर्स (Certificate Courses in Astrology)

जो लोग एस्ट्रोलॉजी के बारे में बुनियादी जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं या इसे शौक के रूप में सीखना चाहते हैं, उनके लिए सर्टिफिकेट कोर्स एक अच्छा विकल्प हो सकता है। ये कोर्स कम समय में पूरे किए जा सकते हैं और ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों में उपलब्ध हैं।

प्रमुख सर्टिफिकेट कोर्स:

  • सर्टिफिकेट इन वैदिक एस्ट्रोलॉजी (Certificate in Vedic Astrology)
  • सर्टिफिकेट इन न्यूमरोलॉजी (Certificate in Numerology)
  • सर्टिफिकेट इन टैरो कार्ड रीडिंग (Certificate in Tarot Card Reading)
  • सर्टिफिकेट इन ज्योतिष परामर्श (Certificate in Astrology Consultation)
  • सर्टिफिकेट इन केपी एस्ट्रोलॉजी (Certificate in KP Astrology)

अवधि: 3 महीने से 6 महीने
योग्यता: कोई औपचारिक योग्यता आवश्यक नहीं (कुछ संस्थानों में न्यूनतम 10वीं पास आवश्यक)
करियर संभावनाएँ: फ्रीलांस ज्योतिषी, पार्ट-टाइम कंसल्टेंट, हॉबी लर्नर

College For Astrology Education: कहां से कर सकते हैं पढ़ाई?

एस्ट्रोलॉजी में करियर बनाने के लिए भारत में कई प्रतिष्ठित संस्थान उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और प्रमाणित कोर्स प्रदान करते हैं। यदि आप प्रोफेशनल एस्ट्रोलॉजर बनना चाहते हैं, तो इन संस्थानों से विभिन्न स्तरों पर एस्ट्रोलॉजी की पढ़ाई कर सकते हैं। ये संस्थान डिप्लोमा, बैचलर, मास्टर डिग्री और सर्टिफिकेट कोर्स प्रदान करते हैं, जो छात्रों को व्यावहारिक और सैद्धांतिक ज्ञान देने में सहायक होते हैं।

नीचे कुछ प्रमुख संस्थानों की जानकारी दी गई है, जहां से आप ज्योतिष की शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं:


1. भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली (Bharatiya Vidya Bhavan, New Delhi)

स्थान: कस्तूरबा गांधी मार्ग, नई दिल्ली
पाठ्यक्रम:

  • ज्योतिष में डिप्लोमा और पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा
  • वास्तु शास्त्र, न्यूमरोलॉजी और टैरो कार्ड रीडिंग में विशेष कोर्स
    प्रवेश प्रक्रिया: मेरिट और इंटरव्यू के आधार पर
    विशेषता: यह संस्थान भारत में ज्योतिष शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र माना जाता है। यहां वैदिक ज्योतिष के सिद्धांतों पर गहराई से अध्ययन किया जाता है।

2. भारतीय विद्या भवन, मुंबई (Jyotish Bharati Course, Mumbai)

स्थान: मुंबई, महाराष्ट्र
पाठ्यक्रम:

  • ज्योतिष भारती कोर्स (Jyotish Bharati Course)
  • डिप्लोमा और एडवांस डिप्लोमा इन एस्ट्रोलॉजी
    प्रवेश प्रक्रिया: इंटरव्यू और शैक्षणिक योग्यता के आधार पर
    विशेषता: भारतीय विद्या भवन का मुंबई केंद्र एस्ट्रोलॉजी के क्षेत्र में अपने विशेष पाठ्यक्रमों के लिए प्रसिद्ध है। यहां प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

3. भारतीय विद्या भवन, बेंगलुरु केंद्र (Bharatiya Vidya Bhavan, Bengaluru Centre)

स्थान: बेंगलुरु, कर्नाटक
पाठ्यक्रम:

  • डिप्लोमा इन वैदिक एस्ट्रोलॉजी
  • न्यूमरोलॉजी और वास्तु शास्त्र में विशेष कोर्स
    प्रवेश प्रक्रिया: डायरेक्ट एडमिशन और योग्यता के आधार पर
    विशेषता: बेंगलुरु स्थित यह संस्थान ज्योतिष के पारंपरिक और आधुनिक पहलुओं को शामिल करके छात्रों को व्यापक प्रशिक्षण प्रदान करता है।

4. भारतीय ज्योतिष विज्ञान परिषद, कोलकाता (Indian Council of Astrological Sciences, Kolkata)

स्थान: कोलकाता, पश्चिम बंगाल
पाठ्यक्रम:

  • वैदिक ज्योतिष में डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स
  • न्यूमरोलॉजी और टैरो कार्ड रीडिंग में प्रशिक्षण
    प्रवेश प्रक्रिया: मेरिट के आधार पर
    विशेषता: यह संस्थान भारत के अग्रणी ज्योतिष शिक्षण संस्थानों में से एक है, जो छात्रों को वैदिक ज्योतिष के साथ-साथ केपी एस्ट्रोलॉजी (Krishnamurthy Paddhati) में भी शिक्षित करता है।

5. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU – Banaras Hindu University)

स्थान: वाराणसी, उत्तर प्रदेश
पाठ्यक्रम:

  • बैचलर ऑफ आर्ट्स (BA) इन एस्ट्रोलॉजी
  • मास्टर ऑफ आर्ट्स (MA) इन एस्ट्रोलॉजी
  • पीएचडी इन एस्ट्रोलॉजी
    प्रवेश प्रक्रिया: प्रवेश परीक्षा (Entrance Exam) के माध्यम से
    विशेषता: बीएचयू भारत का एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय है, जहां ज्योतिष के पारंपरिक और आधुनिक अनुसंधान आधारित अध्ययन किए जाते हैं। यहां से डिग्री प्राप्त करने पर छात्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलती है।

अन्य प्रमुख संस्थान जहां से ज्योतिष की पढ़ाई की जा सकती है:

6. श्रीलाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली

  • यह विश्वविद्यालय ज्योतिष में स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट कोर्स प्रदान करता है।
  • यहां ज्योतिषीय गणनाओं और शोध कार्य पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

7. खेलगांव ज्योतिष संस्थान, प्रयागराज

  • यह संस्थान मुख्य रूप से वैदिक ज्योतिष और न्यूमरोलॉजी में सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स प्रदान करता है।
  • पाठ्यक्रम ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों रूपों में उपलब्ध हैं।

8. राजस्थान संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर

  • राजस्थान में स्थित यह विश्वविद्यालय भारतीय ज्योतिषीय परंपराओं में विशेषज्ञता रखता है।
  • यहां वास्तु शास्त्र और न्यूमरोलॉजी में भी कोर्स उपलब्ध हैं।

9. ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ एस्ट्रोलॉजर्स सोसाइटी (AIFAS), नई दिल्ली

  • यह संस्था देशभर में ज्योतिष के विभिन्न कोर्स संचालित करती है।
  • यहां ज्योतिषीय गणना, हस्तरेखा विज्ञान और टैरो कार्ड रीडिंग में डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स उपलब्ध हैं।

10. ऑनलाइन प्लेटफॉर्म (Udemy, Coursera, FutureLearn आदि)

  • जो छात्र घर बैठे ज्योतिष सीखना चाहते हैं, वे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग कर सकते हैं।
  • ऑनलाइन कोर्स के अंतर्गत वीडियो लेक्चर, स्टडी मटेरियल और प्रमाणपत्र प्रदान किए जाते हैं।

कैसे करें आवेदन?

  1. संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
  2. कोर्स और प्रवेश प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त करें।
  3. ऑनलाइन या ऑफलाइन आवेदन करें।
  4. कुछ संस्थानों में प्रवेश परीक्षा होती है, उसकी तैयारी करें।
  5. प्रवेश मिलने के बाद फीस का भुगतान करें और पढ़ाई शुरू करें।

निष्कर्ष

यदि आप प्रोफेशनल एस्ट्रोलॉजर बनना चाहते हैं, तो भारतीय विद्या भवन (नई दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु), भारतीय ज्योतिष विज्ञान परिषद (कोलकाता), बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) और अन्य संस्थान बेहतरीन विकल्प हैं। इन संस्थानों में से किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से कोर्स करने के बाद आप अपने करियर की शुरुआत कर सकते हैं। प्रत्येक संस्थान की प्रवेश प्रक्रिया और फीस संरचना अलग-अलग होती है, इसलिए विस्तृत जानकारी के लिए संबंधित संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना आवश्यक है।

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