IIT vs IIM कौन है बेहतर . MBA करने की योजना बना रहे छात्रों के लिए यह बड़ा सवाल होता है कि वे IIM (भारतीय प्रबंधन संस्थान) से MBA करें या IIT (भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान) से। पारंपरिक रूप से IIMs को देश के शीर्ष प्रबंधन संस्थानों के रूप में देखा जाता रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में IITs भी इस क्षेत्र में तेजी से उभर रहे हैं। आइए जानते हैं दोनों के बीच प्रमुख अंतर और यह तय करने में कौन-सा संस्थान आपके लिए सही हो सकता है।
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IITs क्यों आगे बढ़ रहे हैं?
हर साल कई IITs टॉप सरकारी मैनेजमेंट संस्थानों की सूची में शामिल होते हैं। NIRF रैंकिंग के अनुसार:
- 2021 में IIT Delhi, IIT Kharagpur और IIT Bombay टॉप 10 में थे।
- 2022 में IIT Delhi और IIT Madras को इस सूची में स्थान मिला।
- 2023 और 2024 में IIT Delhi और IIT Bombay का नाम प्रमुख रहा।
IITs की बढ़ती प्रतिष्ठा के कारण
- शोध और अनुसंधान – IITs लगातार अपने शोध कार्य को मजबूत कर रहे हैं। उनके पास बेहतरीन शोधकर्ता हैं जो टॉप अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में अपने रिसर्च प्रकाशित कर रहे हैं।
- सरकारी वित्तीय सहायता – IITs को सरकार से अच्छी फंडिंग मिलती है, जिससे उनके रिसर्च कार्य सुचारु रूप से चलते रहते हैं।
- इंडस्ट्री से जुड़ाव – IITs छात्रों को वास्तविक व्यावसायिक समस्याओं को हल करने का अनुभव देते हैं, जिससे उनका इंडस्ट्री एक्सपोजर बढ़ता है।
इसके विपरीत, IIMs लंबे समय तक इंडस्ट्री-केंद्रित रहे हैं, जहां रिसर्च को अधिक प्राथमिकता नहीं दी जाती थी। हालांकि, हाल के वर्षों में IIMs ने भी रिसर्च पर ध्यान देना शुरू किया है।
IITs में इंडस्ट्री से जुड़ाव

IITs अपने छात्रों को इंडस्ट्री से जोड़ने के लिए विभिन्न कार्यक्रम और रिसर्च प्रोजेक्ट चलाते हैं, जिनमें शामिल हैं:
- कार्यकारी शिक्षा कार्यक्रम
- इंडस्ट्री-प्रायोजित रिसर्च प्रोजेक्ट
- इंटर-डिसिप्लिनरी सहयोग – IITs में छात्रों को विभिन्न विषयों (टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट) में काम करने का मौका मिलता है, जिससे वे समस्या-समाधान में अधिक कुशल बनते हैं।
IIT रुड़की के प्रबंधन विभाग के प्रमुख प्रोफेसर रजत अग्रवाल के अनुसार, IITs के छात्रों को विभिन्न विषयों में सहयोग करने का फायदा मिलता है, जिससे वे मैनेजमेंट और टेक्नोलॉजी के बेहतर समावेश में सक्षम होते हैं।
प्लेसमेंट और सैलरी: कौन है आगे?

जब MBA ग्रेजुएट्स की प्लेसमेंट और सैलरी की बात आती है, तो IIMs अभी भी IITs से आगे हैं। हालांकि IITs के B.Tech प्रोग्राम्स के लिए प्लेसमेंट और पैकेज शानदार होते हैं, लेकिन MBA प्लेसमेंट के मामले में IIMs की ब्रांड वैल्यू और इंडस्ट्री में उनकी पकड़ मजबूत बनी हुई है।
IIMs की बढ़त: हाई-सैलरी और बेहतर प्लेसमेंट
1. हाई-पेइंग सेक्टर्स में ज्यादा मौके
IIMs के छात्रों को टॉप कंपनियों से आकर्षक पैकेज ऑफर किए जाते हैं, खासतौर पर इन सेक्टर्स में:
- मैनेजमेंट कंसल्टिंग (McKinsey, BCG, Bain, Deloitte)
- इन्वेस्टमेंट बैंकिंग (Goldman Sachs, JP Morgan, Morgan Stanley)
- प्राइवेट इक्विटी और वेंचर कैपिटल (Blackstone, Sequoia, Carlyle Group)
- फाइनेंस और स्ट्रैटेजी रोल्स (HDFC, ICICI, Kotak, Tata)
इन क्षेत्रों में सैलरी पैकेज 20-40 लाख रुपये प्रति वर्ष तक जा सकता है, जबकि कुछ छात्रों को 1 करोड़+ के अंतरराष्ट्रीय ऑफर भी मिलते हैं।
2. IIMs की मजबूत ब्रांड वैल्यू और एलुमनाई नेटवर्क
- IIMs की पुरानी प्रतिष्ठा और इंडस्ट्री में उनकी पहचान के कारण, कंपनियां वहां से बड़े पैमाने पर भर्तियां करती हैं।
- एलुमनाई नेटवर्क: IIM के पूर्व छात्र बड़ी-बड़ी कंपनियों में लीडरशिप पोजीशन्स पर हैं, जिससे नए ग्रेजुएट्स को अच्छी नेटवर्किंग और अवसर मिलते हैं।
- कैरियर ग्रोथ: IIMs से निकले छात्र जल्द ही सीनियर मैनेजमेंट और CXO लेवल तक पहुंच जाते हैं।
3. CAT परीक्षा से चुने गए होनहार छात्र
IIMs में एडमिशन के लिए CAT (Common Admission Test) पास करना पड़ता है, जहां टॉप स्कोर करने वाले ही चयनित होते हैं।
- CAT की कठोर चयन प्रक्रिया के कारण, IIMs में आमतौर पर अनुभवी और उच्च क्षमता वाले छात्र ही पहुंचते हैं।
- कई छात्र पहले से 2-5 साल का वर्क एक्सपीरियंस रखते हैं, जिससे कंपनियां उन्हें प्रीमियम पैकेज पर हायर करने के लिए तैयार रहती हैं।
IITs के MBA ग्रेजुएट्स की स्थिति
हालांकि IITs के मैनेजमेंट प्रोग्राम्स (जैसे DMS, SJMSOM, VGSOM, DoMS) अच्छी रैंकिंग में आते हैं, लेकिन उनके MBA प्लेसमेंट पैकेज आमतौर पर IIMs से कम होते हैं।
1. अलग-अलग करियर पथ
IITs से MBA करने वाले छात्र मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में काम करते हैं:
- बिजनेस एनालिटिक्स और डेटा साइंस
- टेक्नोलॉजी मैनेजमेंट
- ऑपरेशंस और सप्लाई चेन मैनेजमेंट
- IT और प्रोडक्ट मैनेजमेंट
IITs के MBA ग्रेजुएट्स को ज्यादातर Amazon, Flipkart, Microsoft, Google, Infosys, TCS, Wipro जैसी कंपनियों में जॉब मिलती हैं।
हालांकि ये कंपनियां अच्छी सैलरी ऑफर करती हैं, लेकिन इनकी तुलना में IIMs के कंसल्टिंग और फाइनेंस जॉब्स ज्यादा हाई-पेइंग होती हैं।
2. IITs में औसत सैलरी कम क्यों होती है?
- IITs के MBA प्रोग्राम्स में आमतौर पर टेक्निकल बैकग्राउंड वाले छात्र होते हैं, जिनका झुकाव टेक्नोलॉजी और एनालिटिक्स सेक्टर की ओर अधिक रहता है।
- IT और एनालिटिक्स इंडस्ट्री में शुरुआती पैकेज कम होते हैं (12-25 लाख प्रति वर्ष), जबकि कंसल्टिंग और इन्वेस्टमेंट बैंकिंग में सैलरी ज्यादा होती है (20-40 लाख प्रति वर्ष)।
- IITs में फाइनेंस और कंसल्टिंग रोल्स की उपलब्धता कम होती है, जिससे हाई-पेइंग जॉब्स की संख्या सीमित रहती है।
IIT vs IIM: सैलरी और प्लेसमेंट की तुलना
| मापदंड | IIMs (A, B, C) | IITs (DMS, SJMSOM, VGSOM, DoMS) |
|---|---|---|
| औसत पैकेज | ₹25-35 लाख/वर्ष | ₹12-25 लाख/वर्ष |
| टॉप 10% का पैकेज | ₹40 लाख+ | ₹30 लाख+ |
| इंटरनेशनल ऑफर | ₹1 करोड़+ | ₹50 लाख+ |
| लोकप्रिय सेक्टर | कंसल्टिंग, फाइनेंस, प्राइवेट इक्विटी | टेक्नोलॉजी, एनालिटिक्स, ऑपरेशंस |
| ब्रांड वैल्यू | बहुत मजबूत | बढ़ रही है |
| कंपनियों की प्राथमिकता | McKinsey, BCG, Goldman Sachs, Amazon | Amazon, Google, Infosys, Flipkart |
कंसल्टिंग में IIMs की मजबूत पकड़
- IIMs में 40% से अधिक नौकरियां कंसल्टिंग सेक्टर में मिलती हैं।
- IITs के MBA ग्रेजुएट्स का झुकाव आईटी और डेटा एनालिटिक्स की ओर अधिक होता है।
निष्कर्ष: IIT vs IIM – कौन-सा बेहतर है?
| मापदंड | IIMs | IITs |
|---|---|---|
| ब्रांड वैल्यू | ✅ अधिक | ☑️ बढ़ती हुई |
| प्लेसमेंट | ✅ हाई-सैलरी जॉब्स | ☑️ टेक और एनालिटिक्स रोल्स |
| रिसर्च | ☑️ अब बढ़ रहा है | ✅ मजबूत |
| इंडस्ट्री एक्सपोजर | ✅ मजबूत | ✅ मजबूत |
| नेटवर्किंग | ✅ मजबूत | ☑️ सीमित |
निष्कर्ष: IIMs अब भी MBA के लिए बेहतर विकल्प
- यदि आपका लक्ष्य हाई-सैलरी कंसल्टिंग, इन्वेस्टमेंट बैंकिंग या फाइनेंस में जाना है, तो IIMs बेस्ट चॉइस हैं।
- अगर आप टेक्नोलॉजी, बिजनेस एनालिटिक्स या ऑपरेशंस में रुचि रखते हैं, तो IITs भी अच्छे विकल्प हो सकते हैं।
- IIMs का मजबूत एलुमनाई नेटवर्क, ब्रांड वैल्यू और हाई-पेइंग जॉब्स की उपलब्धता उन्हें IITs से आगे रखती है।
👉 अंततः, निर्णय आपके करियर लक्ष्यों और रुचि पर निर्भर करता है।
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